आजकल लोग व्हाट्सएप स्टेटस लगाते हैं। जिसे उनके कॉन्टैक्ट वाले सभी लोग देख सकते हैं। 


परंतु इसका दुरपयोग हो रहा है क्योंकि कुछ लोग इन स्टेटस को देखकर ये अनुमान  लेते हैं की ये उनके लिए है। फिर उसका स्क्रीनशॉट लेकर उसे संभाल कर रख लेते हैं। खासकर ये तब और खतरनाक होता है जब कन्या पक्ष के कुछ लोग इन स्टेटस को संभालते हैं। इकट्ठा करके रखते हैं और ये सोचते हैं कि ये उनकी ही बेटी के खिलाफ लिखा गया हो।


 फिर उचित मौका पाकर ससुराल वालों से दुर्व्यवहार करते हैं और कानूनी कार्यवाही की धमकी देते हैं और रिश्ता तक तोड़ने की बात करते है।


जबकि व्हाट्सएप स्टेटस किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं होता ये तो सब के लिए होता है। और इस स्टेट्स के मैसेज स्वयं ही 24 घंटे के बाद डिलीट हो जाते हैं।


 क्या ये षड्यंत्र नहीं है की कन्या पक्ष के घर वाले चुपके चुपके ससुराल पक्ष के व्यक्ति का व्हाट्सएप स्टेटस देखते हैं और  जब देखा की किस किसने ये स्टेटस किस किस ने देखे तो उसमे कन्या पक्ष के किसी भी घर वाले का नाम नहीं था। वो लोग चोरी चुपके से उस स्टेटस का स्क्रीनशॉट ले कर उसे संभाल कर रख रहे थे और एक गंभीर षड्यंत्र की साज़िश कर रहे थे।


ये लोग एक षड्यंत्र की तरह से चुपके चुपके वर पक्ष के व्यक्ति का स्टेटस देख कर उनका स्क्रीनशॉट लेकर  फिर  संभाल कर सेव कर रहे थे ताकि उनको उचित समय पर सारे स्टेटस दिखा कर ब्लैकमेल कर सकें और कन्या के पति को  और  उसके मां बाप को इस बात के लिए मजबूर कर सकें कि उसको घर से अलग कर दें।


ये कन्या की आत्मिक इच्छा होती है कि वो स्वतंत्र रूप से सास ससुर से अलग रहे बिल्कुल उसी तरह जिस तरह से उसके अन्य रिश्तेदारों की कन्याएं रह रही हैं।


चोरी चोरी चुपके चुपके से सेव किए स्टेटस को मेरी बेटी दामाद और अन्य अपने रिश्तेदारों को भेजा जाता है ताकि सहानुभूति बटोर सकें।


अगर ऐसे किसी स्टेटस से किसी को भी एतराज था तो उसके बारे में  उसी समय फोन करके बता देते कि हमें ये स्टेटस पसंद नहीं है और आपने क्यों लगाया है? जैसा कि कुछ लोग करते हैं ताकि आगे से ऐसा कोई भी स्टेटस खासतौर पर उनको शेयर नहीं किया जाए


तो वो लोग ऐसे स्टेटस हटा देते और फिर नहीं लगाते।


 सारे स्टेटस किसी भी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं होते  वो आज की सामाजिक परिस्थितियों से प्रभावित हो कर लिखे गए होते हैं 


एक स्टेटस का प्रभाव सिर्फ 24 घंटे रहता है उसके बाद वो स्वयं ही हट जाता है। 


कई बार कन्या पक्ष के लोग या स्वयं ही कन्या ने ही वर पक्ष के कॉन्टैक्ट में होते ही नही है। या उन्होंने उनका कॉन्टैक्ट डिलीट कर दिया होता है।या व्हाट्सएप पर पहले से ही ब्लॉक कर रखा है। तो फिर जब वो ये स्टेटस देख ही रहे तो किसी को केसे  मालूम की ये सारे स्टेटस उसके बारे में है।


ये एक गहरा षड्यंत्र है और इस षड्यंत्र में कन्या के  घरवाले शामिल हैं और वो अब वर पक्ष  को ब्लैकमेल करना चाह रहे हैं।


 कन्या पक्ष के लोग वर पक्ष को मैसेज भेज कर  बहुत झूठे और अश्लील आरोप वर पक्ष पर के  उपर लगा कर कानून की धमकी देते हैं। इस मैसेज में वो उन सभी स्टेटस का जिक्र कर देते  है जो उन्होंने कभी देखे ही नहीं इन सभी मैसेज को गैर कानूनी तरीके से सेव करके  कन्या पक्ष  घर वालों ने इकट्ठा किए है।


तो इस षड्यंत्र में कन्या व उसके घरवाले शामिल हैं जो गैरकानूनी तरीके से टेलीफोन की कॉल्स को रिकॉर्ड करते हैं फिर सुना कर ठगी करते हैं 


और वर पक्ष एक आसान शिकार हो जाता है जिसने कभी भी किसी भी स्टेटस को सेव नहीं किया और न कभी गैर कानूनी तरीके से कोई टेलीफोन की कॉल्स को रिकॉर्ड किया चाहे किसी ने भी उनको  कितनी भी गलत बातें बोली हों टेलीफोन पर।


ये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है और ऐसी गैर कानूनी हरकत है ताकि ब्लैकमेल कर सके और अपनी गैर वाजिब बातों को मनवा सकें।

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